MP Current Affair 5th February 2019

खनिज साधन मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल साउथ अफ्रीका में खनिज निवेशक सम्मेलन में हुए शामिल

खनिज साधन मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल साउथ अफ्रीका के केपटाउन शहर में विश्व स्तरीय खनिज निवेशक सम्मेलन में शामिल हुए। इस मौके पर खनिज संचालक श्री विनीत आस्टिन और प्रमुख सचिव खनिज श्री नीरज मंडलोई भी उपस्थित रहे। 74 देशों की 2000 कम्पनियों के प्रतिनिधि सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में खनिज अन्वेषण संबंधी नवीन तकनीक और उपकरणों आदि का भी प्रदर्शन किया गया है। सचिव भारत सरकार इस्पात मंत्रालय एवं अन्य राज्य उड़ीसा, झारखंड, कर्नाटका आदि राज्य सरकारों का प्रतिनिधि मंडल भी सम्मेलन में भाग ले रहा है।

राज्य स्तरीय मोगली बाल उत्सव 24 मार्च से 30 मार्च 2019 तक

24 मार्च से 30 मार्च 2019 तक प्रदेश के 6 राष्ट्रीय अभयारण्यों में राज्य स्तरीय मोगली बाल उत्सव होगा। इन सभी अभयारण्यों में अलग-अलग जिलों के छात्र-छात्राएँ शामिल होंगे। उत्सव में प्रत्येक जिले से 8 छात्र-छात्राएँ शामिल होंगे। इनमें वरिष्ठ वर्ग से दो छात्र-दो छात्राएँ तथा कनिष्ठ वर्ग से दो छात्र- दो छात्राएँ होंगी। छात्राओं के साथ दल प्रभारी एक शिक्षिका तथा छात्रों के साथ एक शिक्षक दल प्रभारी के रूप में उत्सव में सहभागिता करेंगे।

अखिल भारतीय सिविल सेवा कबड्डी प्रतियोगिता का समापन

1 से 5 फरवरी तक भोपाल के टी.टी. नगर स्टेडियम में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सेवा कबड्डी प्रतियोगिता का समापन हो गया है। प्रतियोगिता के अंतिम दिन पुरूष वर्ग में खेले गए फायनल में केन्द्रीय सचिवालय दिल्ली की टीम हरियाणा को 32-27 से पराजित कर विजेता बनी। वहीं महिला वर्ग में आरएसबी राजस्थान विजेता और मध्यप्रदेश की टीम उप विजेता रही। पुरूष वर्ग में बैंगलुरू और महिला वर्ग में हिमाचल प्रदेश की टीम तीसरे स्थान पर रही। पाँच दिवसीय प्रतियोगिता में देश की 23 पुरूष एवं 07 महिला टीम के करीब 470 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।

पुजारियों की नियुक्ति और पदमुक्ति संबंधी प्रक्रिया निर्धारित

अध्यात्म विभाग द्वारा शासन संधारित देव स्थानों के पुजारियों की नियुक्ति और पदमुक्ति संबंधी प्रक्रिया निर्धारित कर दी गई है। पहली बार प्रदेश सरकार द्वारा पुजारियों की नियुक्तियों के संबंध में नियम और प्रक्रिया निर्धारित की गई है। शासन द्वारा संधारित देव स्थानों के पुजारियों की नियुक्ति हेतु 9 अर्हताएँ तय की गई हैं। पुजारियों के कर्तव्य और दायित्वों के साथ ही पुजारियों की पदमुक्ति तथा पद रिक्त होने पर व्यवस्था के नियम भी बनाये गये हैं। यह नियम नवीन पुजारी की नियुक्ति के लिए ही प्रभावी होंगे। पूर्व से कार्यरत पुजारी के लिए यह नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावी नहीं होगी। पद रिक्त होने पर निर्धारित प्रक्रिया और नियमों का पालन किया जाकर नियुक्तियाँ प्रदान की जायेंगी। पुजारियों की नियुक्ति में वंश परम्परा और गुरू-शिष्य परम्परा को प्राथमिकता दी जायेगी। पुजारियों के नाम की प्रविष्टियाँ खसरे में भी की जायेगी। तहसील एवं पटवारी स्तर पर पुजारी पंजी संधारित होगी। पुजारी पद के लिये आठवीं तक शिक्षित होकर न्यूनतम उम्र 18 वर्ष एवं स्वस्थ चित्त होना आवश्यक है। पूजा विधि का प्रमाण-पत्र परीक्षा उत्तीर्ण होकर पूजा विधि का ज्ञान और शुद्ध शाकाहारी होना जरूरी है। पुजारी मद्यपान न करने वाला और अपराधिक चरित्र का नहीं होना चाहिए। देव स्थान की भूमि पर अतिक्रमण अथवा देव स्थान की अन्य सम्पत्ति खुर्द-बुर्द करने का दोषी नहीं होना चाहिए। यदि कोई मंदिर मठ की श्रेणी में आता है और उस मंदिर पर किसी सम्प्रदाय विशेष अथवा अखाड़ा विशेष के पुजारी होने की परम्परा होने पर गुरू-शिष्य परम्परा के आधार पर पुजारी की नियुक्ति प्राथमिकता से की जायेगी। किसी दरगाह, खानकाह या तकिया पर सज्जादानशीन/मुजाविर आदि की नियुक्ति में वंश परम्परा की प्रथा है, तो नियुक्ति के समय उसका ध्यान रखा जायेगा। नियुक्ति प्रक्रिया के अंतर्गत किसी देव-स्थान पर पुजारी का पद रिक्त होने की दशा में आवेदन निर्धारित प्रारूप पर ऐसे अनुविभागीय अधिकारी को प्रस्तुत किया जावेगा जिसकी स्थानीय अधिकारिता में देव-स्थान स्थित हो। आवेदन पत्र के साथ शपथ पत्र पर अण्डरटेकिंग भी प्रस्तुत करनी पड़ेगी जिसमें स्पष्ट उल्लेख होगा कि वह संबंधित देवस्थान की चल-अचल सम्पत्ति पर किसी स्वत्व आधिपत्य संबंधी दावा नहीं करेगा। आवेदन प्राप्त होने पर 15 दिवस की उदघोषणा जारी कर आपत्ति आमंत्रित की जायेगी। इसी अवधि में यदि अपेक्षित हो तो पटवारी/तहसीलदार आदि का प्रतिवेदन बुला सकेगा। अनुविभागीय अधिकारी  उदघोषणा अवधि पूर्ण होने पर कोई आपत्ति प्राप्त न होने पर आगामी कार्यवाही करेगा। साक्ष्य ले सकेगा। दस्तावेज आदि प्राप्त कर सकेगा। आवश्यक होने पर स्थानीय जाँच स्वयं कर सकेगा या तहसीलदार/नायब तहसीलदार से करा सकेगा। नियुक्ति आदेश के बाद अनुविभागीय अधिकारी तहसीलदार के माध्यम से संबंधित देवस्थान का आधिपत्य पुजारी को देगा। आधिपत्य देते समय चल-अचल सम्पत्ति की सूची 3 प्रति में तैयार की जायेगी। एक प्रति पुजारी के पास एक तहसील कार्यालय में तथा एक प्रति पुजारी नियुक्ति की नस्ती में सुरक्षित रखी जायेगी। मंदिर का आधिपत्य देने के बाद ही नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण मानी जायेगी।

आर्थिक मामलों के लिये मंत्रि-परिषद समिति गठित

राज्य शासन द्वारा आर्थिक मामलों के लिये मंत्रि-परिषद समिति का गठन किया गया है जिसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ होंगे। सचिव, मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती समिति के सदस्य होंगे। समिति में मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, श्री प्रियव्रत सिंह, श्री जयवर्द्धन सिंह, श्री पी.सी. शर्मा, श्री सचिन सुभाष यादव और श्री तरुण भनोत सदस्य होंगे।

February 6, 2019

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