MP Current Affair 4th February 2019

विदेश में उच्च शिक्षा अध्ययन के लिये मिलेगी छात्रवृत्ति

राज्य शासन हर वर्ष 20 होनहार विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें विदेश में 2 वर्ष के स्नातकोत्तर और शोध पाठ्यक्रम के लिये 40 हजार डॉलर प्रति वर्ष की छात्रवृत्ति प्रदान करेगा। छात्रवृत्ति के रूप में वार्षिक 38 हजार डॉलर के साथ 2 हजार डॉलर किताबों, आवश्यक उपकरण, टंकण, शोध प्रबंध की बाइडिंग सहित अन्य खर्चे भी शामिल हैं। योजना को शैक्षणिक सत्र 2019-20 से लागू करने का निर्णय लिया गया है। मध्यप्रदेश के ऐसे मूल निवासी प्रतिभावान स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थी, जिन्होंने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किये हैं, अब विदेश में उच्च शिक्षा के लिये आवेदन कर सकते हैं। छात्रवृत्ति के ऑफलाइन आवेदन सम्पूर्ण दस्तावेजों के साथ 10 फरवरी तक आमंत्रित किये गये हैं। विदेश अध्ययन के लिये आवेदक विद्यार्थी को यू.जी./पी.जी. में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। छात्रवृत्ति के लिये स्नातकोत्तर विद्यार्थी की आयु 25 वर्ष तथा शोध उपाधि के लिये 35 वर्ष निर्धारित है। आवेदक के माता-पिता, अभिभावक, अभ्यर्थी की पत्नी/पति की समस्त स्रोतों से कुल वार्षिक आय 5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिये। अभ्यर्थी को जीएमएटी, जीआईई, टीओएफईएल, आईईएलटीएस की अर्हता प्राप्त करना अनिवार्य होगा। चयन समिति द्वारा मेरिट तथा शॉर्टलिस्ट प्रत्याशियों के साक्षात्कार के आधार पर विद्यार्थियों का चयन किया जायेगा। आवेदक विद्यार्थी ऐसे देश में स्थित मान्यता प्राप्त संस्थान में अध्ययन जारी रख सकेंगे जिनके साथ भारत सरकार के राजनयिक संबंध हैं। विद्यार्थियों को उस देश का वीजा स्वयं प्राप्त करना होगा जहाँ वह अध्ययन के लिये जा रहे हैं। वीजा जिस देश के लिये प्राप्‍त किया जायेगा उसमें यह स्पष्ट उल्लेख होना चाहिये कि आवेदक विद्यार्थी अध्ययन के उद्देश्य से वीजा प्राप्त कर रहा है। छात्रवृत्ति, छात्र वीजा के आधार पर ही जारी की जायेगी। विदेश में उच्च शिक्षा अध्ययन के लिये विद्यार्थी ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, चीन, डेनमार्क, फिनलैण्ड, फ्रांस, हांगकांग, आयरलैण्ड, जापान, दक्षिण कोरिया, नीदरलैण्ड, न्यूजीलैण्ड, नार्वे, रशिया, सिंगापुर, स्विटजरलैण्ड, ताईवान, यू.के. तथा अमेरिका की निर्धारित शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश ले सकते हैं।

सड़क सुरक्षा को स्कूल एवं कॉलेज के पाठ्यक्रम में शामिल किया जायेगा

इंदौर में 30वें सड़क सुरक्षा सप्ताह का शुभारंभ के अवसर पर उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा को स्कूल एवं कॉलेज के पाठ्यक्रम में शामिल किया जायेगा।

कान्हा टाइगर रिजर्व में भारतीय वन सेवा अधिकारियों के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का शुभारंभ

कान्हा टाईगर रिजर्व के अंतर्गत खटिया स्थित ईको सेंटर में भारतीय वन सेवा अधिकारियों के लिए एक सप्ताह के अनिवार्य प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण 8 फरवरी तक जारी रहेगा। इस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का विषय ‘वन्य-प्राणी आवास स्थल एवं प्रबंधन’ है। दस राज्यों के उप वन संरक्षक से प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के 18 अधिकारी प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान आठ विषय-विशेषज्ञों के व्याख्यान होंगे। क्षेत्रीय भ्रमण के जरिये प्रतिभागियों को वन्य-प्राणी संरक्षण के व्यवाहारिक पहलुओं से अवगत कराया जायेगा।

मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने प्रधानमंत्री से खनन, कृषि विषयों पर चर्चा की

नई दिल्ली में मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और कृषि एवं खनन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। श्री कमलनाथ ने राज्य की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये माइनिंग लीज पाने की पात्रता रखने वाले 27 प्रकरण में जल्द से जल्द निर्णय लेने का अनुरोध किया। श्री कमलनाथ ने प्रधानमंत्री को विस्तार से बताया कि मध्यप्रदेश के करीब 170 आवेदन हैं जो खदान एवं खनिज अधिनियम की धारा 10-ए और 2-बी के अंतर्गत माइनिंग लीज अनुदान पाने की पात्रता रखते हैं। मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने तिलहन के लिये प्राइज डेफिसिट भुगतान योजना के क्रियान्वयन लागत की शेष राशि 575.90 करोड़ रूपये शीघ्र जारी करने का आग्रह किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री समर्थन मूल्य तय करने के पूर्व के निर्णय को आगे बढाते हुए अभियान के क्रियान्वयन के संबंध में ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि अभियान के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने सोयाबीन के लिये प्राइज डेफिसिट योजना में राज्य के उत्पादन का 40 प्रतिशत यानी 26.92 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य तय करने का आग्रह किया है। श्री कमलनाथ ने कहा कि प्राइज डेफिसिट योजना की गाइडलाइन में राज्य को दिये लक्ष्य को उत्पादन का 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने के तरीके का उल्लेख नहीं किया गया है जबकि यही मूल्य समर्थन योजना की गाइडलाइन में अंकित है। उन्होंने प्राइज डेफिसिट योजना में परिवर्तन करने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे उत्पादन के 25 प्रतिशत के लक्ष्य को 40 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकेगा।

आरजीपीवी का दसवाँ दीक्षांत समारोह सम्पन्न

राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दशवें  दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. ए.एस. किरण कुमार थे। समारोह में तकनीकी शिक्षा के प्रति बाल्यावस्था से अभिरूचि जाग्रत करने के उद्देश्य से चांदपुर प्राथमिक विद्यालय से आमंत्रित 25 छात्र-छात्राएँ भी उपस्थित थे।

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