Current Affair 16th January 2019

Current Affair 16th January 2019Current Affair 16th January 2019

रेलवे सुरक्षा के बारे में अखिल भारतीय सम्मेलन का आयोजन

रेल मंत्रालय ने आज विज्ञान भवन, नई दिल्ली में रेलवे सुरक्षा के बारे में अखिल भारतीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह, रेल और कोयला मंत्री श्री पीयूष गोयल, संचार और रेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री मनोज सिन्हा, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन श्री विनोद कुमार यादव, गृह सचिव श्री राजीव गोबा, सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में उपस्थित थे। इस अवसर पर गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज के सम्मेलन का उद्देश्य बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि यह हमें रेलवे सुरक्षा तंत्र की सुरक्षा की तैयारियों की पहचान और समीक्षा करने का अवसर प्रदान कर रहा है।

पारादीप से नुमालीगढ़ तक कच्चे तेल की पाइपलाइन और नुमालीगढ़ से सिलीगुड़ी तक उत्पाद पाइपलाइन बिछाने को मंजूरी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों पर कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने नुमालीगढ़ रिफाइनरी की क्षमता 3 एमएमटीपीए (मिलियन मीट्रिक टन वार्षिक) से बढ़ाकर 9 एमएमटीपीए करने की परियोजना को अपनी मंजूरी दे दी है। इस परियोजना में पारादीप से नुमालीगढ़ तक कच्चे तेल की पाइपलाइन और नुमालीगढ़ से सिलीगुड़ी तक उत्पाद पाइपलाइन बिछाना शामिल है जिन पर 22,594 करोड़ रुपये की लागत आएगी। वैधानिक मंजूरियां मिल जाने के बाद यह परियोजना 48 महीनों के भीतर पूरी की जाएगी। रिफाइनरी के विस्तारीकरण से पूर्वोत्तर क्षेत्र में पेट्रोलियम उत्पादों की कमी पूरी हो जाएगी। इससे पूर्वोत्तर क्षेत्र की सभी रिफाइनरियों में परिचालन निरंतर जारी रखा जा सकेगा क्योंकि उनके पास कच्चे तेल की उपलब्धता बढ़ जाएगी। इससे असम में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होंगे। यह पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए सरकार के ‘हाइड्रोकार्बन विजन 2030’ का एक हिस्सा है।

पेट्रोलियम संरक्षण अनुसंधान संघ (पीसीआरए) के वार्षिक कार्यक्रम ‘सक्षम 2019’ की शुरुआत

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तत्वावधान में पेट्रोलियम संरक्षण अनुसंधान संघ (पीसीआरए) के वार्षिक उच्च तीव्रता वाले एक माह लम्बे  जनकेन्द्रित बड़े अभियान वार्षिक कार्यक्रम ‘सक्षम 2019’ की आज शुरुआत की गई। इस अभियान का शुभारंभ पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में अपर सचिव और वित्तीय सलाहकार श्री राजीव बंसल ने किया।

परीक्षण और अनुसंधान केंद्र की सुरक्षा के बारे में सहमति पत्र पर हस्‍ताक्षर को मंत्रिमंडल की मंजूरी

भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच खान,प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने खान, परीक्षण और अनुसंधान केंद्र में सुरक्षा (एसआईएमटीएआरएस) के जरिए महानिदेशक, खान सुरक्षा (डीजीएमएस), श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार और प्राकृतिक संसाधन खान एवं ऊर्जा विभाग, क्‍वीन्सलैंड प्रशासन, ऑस्‍ट्रेलिया के बीच सहमति पत्र पर हस्‍ताक्षर को मंजूरी दी। सहमति पत्र से डीजीएमएस और एसआईएमटीएआरएस के बीच साझेदारी कायम करने में मदद मिलेगी। यह सहमति पत्र हस्‍ताक्षर वाली तिथि से ही क्रियाशील हो जाएगा और तीन वर्ष तक प्रभावी रहेगा।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय सहायता से झारखंड अंतर्राष्‍ट्रीय फिल्‍म महोत्‍सव 2019

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि वह रांची, झारखंड में 1 फरवरी से लेकर 3 फरवरी, 2019 तक आयोजित होने वाली दूसरे झारखंड अंतर्राष्‍ट्रीय फिल्‍म महोत्‍सव (जेआईएफएफ) के आयोजन में सहायता देगा। नवभारत निर्माण संघ नामक एक गैर-सरकारी संगठन द्वारा इसका आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम स्‍थल के किराए, प्रोजेक्‍शन एवं ध्‍वनि प्रणाली के किराए, विवरणिकाओं एवं आमं‍त्रण पत्रों की छपाई की लागत और प्रिंट तथा ऑनलाइन मीडिया दोनों में महोत्‍सव के प्रचार की लागत को पूरा करने के लिए मंत्रालय की ओर से 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। आयोजकों के लिए सहायता अनुदान के रूप में यह वित्तीय सहायता दी जाएगी।

मंत्रालय की ओर से बाल अनुभाग, लघु फिल्‍म / डॉक्‍यूमेंट्री अनुभाग और फीचर फिल्‍म अनुभाग के तहत इस महोत्‍सव के लिए भारतीय पनोरमा फिल्‍मों का पैकेज भी उपलब्‍ध कराया जाएगा। झारखंड अंतर्राष्‍ट्रीय फिल्‍म महोत्‍सव का लक्ष्‍य सर्वश्रेष्‍ठ भारतीय एवं अंतर्राष्‍ट्रीय फिल्‍मों को दर्शाने के साथ-साथ नापुरी, संथाली, कोरथा और कुमाली भाषाओं में तैयार की गई झारखंड क्षेत्र की श्रेष्‍ठ फिल्‍मों को दर्शाना भी है। ऐसा अनुमान है कि इससे स्‍थानीय फिल्‍म निर्माताओं और फिल्‍मों के प्रति उत्‍साही लोगों में रूचि जगेगी, क्‍योंकि इसके माध्‍यम से उन्‍हें विश्‍व भर की सर्वश्रेष्‍ठ फिल्‍मों को देखने का अवसर मिलेगा।

13 नए केंद्रीय विश्‍वविद्यालयों की स्‍थापना को मंजूरी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 13 नए केंद्रीय विश्‍वविद्यालयों हेतु आवर्ती लागत और परिसरों के लिए आवश्‍यक बुनियादी ढांचे के सृजन पर होने वाले खर्च के लिए 3639.32 करोड़ रूपये की राशि को मंजूरी दे दी। यह कार्य 36 महीने की अवधि के भीतर पूरा किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने इन केंद्रीय विश्‍वविद्यालयों के लिए मंत्रिमंडल द्वारा पहले स्‍वीकृत की गई 3000 हजार करोड़ रूपये की राशि के अतिरिक्‍त खर्च की जा रही 1474.65 करोड़ रूपये की राशि को भी पूर्वव्‍यापी मंजूरी दे दी है। ये नए केंद्रीय वि‍श्‍वविद्यालय केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम 2009 के अंतर्गत बिहार, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्‍मू–कश्‍मीर (दो), झारखंड, कर्नाटक, केरल, ओडिशा, पंजाब, राजस्‍थान, और तमिलनाडु में स्‍थापित किए जा रहे हैं। इनमें शामिल है –

दक्षिण बिहार केंद्रीय वि‍श्‍वविद्यालय, गया, बिहार

हरियाणा केंद्रीय वि‍श्‍वविद्यालय, महेन्‍द्रगढ़

जम्‍मू केंद्रीय वि‍श्‍वविद्यालय, जम्‍मू

झारखंड केंद्रीय वि‍श्‍वविद्यालय, रांची

कश्‍मीर केंद्रीय वि‍श्‍वविद्यालय, श्रीनगर

कर्नाटक केंद्रीय वि‍श्‍वविद्यालय, गुलबर्गा

केरल केंद्रीय वि‍श्‍वविद्यालय, कासरगोड

ओडिशा केंद्रीय वि‍श्‍वविद्यालय, कोरापुट

पंजाब केंद्रीय वि‍श्‍वविद्यालय, भटिंडा

राजस्‍थान केंद्रीय वि‍श्‍वविद्यालय, बांदरा सिंदरी, राजस्‍थान

तमिलनाडु केंद्रीय वि‍श्‍वविद्यालय, तिरूवरूर

गुजरात केंद्रीय वि‍श्‍वविद्यालय

हिमाचल प्रदेश केंद्रीय वि‍श्‍वविद्यालय

हिंदी के विदेशों में प्रचार-प्रसार के लिए पहली अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग ने विदेश मंत्रालय के सहयोग से पहली बार फीजी में गठित की गई नगर राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति की बैठक दिनांक 15 जनवरी 2019 को आयोजित की गई। इस अवसर पर राजभाषा विभाग द्वारा हिंदी के विदेशों में प्रचार-प्रसार के लिए पहली अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया। इस बैठक और संगोष्ठी के मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू थे। इसमें गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और फीजी स्थित भारत सरकार के दूतावासों /कार्यालयों और बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विदेशों में स्थित भारत सरकार के कार्यालयों बैंकों आदि के राजकीय कामकाज में हिंदी का प्रयोग बढ़ाने तथा अंतरराष्ट्रीय पटल पर हिंदी का प्रचार प्रसार करने के उद्देश्य से विदेशों में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति का गठन किया गया है और इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों के आयोजन की व्यवस्था की गई है। यह राजभाषा विभाग की नई पहल है।  भविष्य में अन्य देशों में भी नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों का गठन किया जाएगा। इस अवसर पर फीजी में भारत के हाई कमिश्नर श्री विश्वास सपकाल ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि जिस प्रकार सूर्य की पहली किरण फीजी में आती है उसी प्रकार पहली अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी और नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति का गठन फीजी में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फीजी में हिंदी के कार्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए मार्च 2019 में अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त कि भारत सरकार ने 12 वां विश्व हिंदी सम्मेलन  फिजी में  आयोजित करने का निश्चय किया है।

कैबिनेट की ने भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्जिम बैंक) के पुनर्पूंजीकरण को मंजूरी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल(कैबिनेट) ने भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्जिम बैंक) के पुनर्पूंजीकरण को मंजूरी दे दी है। इसका विवरण नीचे दिया गया हैः

भारतीय निर्यात-आयात बैंक में नई पूंजी लगाने के लिए भारत सरकार 6,000 करोड़ रुपये केपुनर्पूंजीकरण बांड जारी करेगी।

वित्त वर्ष 2018-19 में 4,500 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2019-20 में 1,500 करोड़ रुपये की दो किस्तों के जरिए इक्विटी लगाई जाएगी।

कैबिनेट ने एक्जिम बैंक की अधिकृत पूंजी को 10,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20,000 करोड़ रुपये करने की मंजूरी दे दी है। पुनर्पूंजीकरण बांड सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को जारी किए जाएंगे।

भारत और मालदीव के बीच वीजा प्रबंधों की सुविधा से संबंधित समझौते को मंत्रिमंडल की मंजूरी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और मालदीव के बीच दिसंबर, 2018 में हस्‍ताक्षरित वीजा प्रबंधों की सुविधा से संबंधित समझौते को पूर्वव्यापी मंजूरी दे दी है। वीजा प्रबंधों की सुविधा से संबंधित समझौते पर मालदीव के राष्‍ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान हस्‍ताक्षर किए गए थे। इस समझौते का उद्देश्‍य भारत और मालदीव के बीच जनता के आपसी संपर्क को और मजबूत बनाना है। इससे दोनों देशों के नागरिकों के लिए पर्यटन, इलाज, शिक्षा के साथ ही साथ कारोबार और रोजगार के उद्देश्‍य से एक दूसरे के यहां आना-जाना आसान हो जाएगा। यह समझौता पर्यटन, इलाज और सीमित कारोबारी उद्देश्‍य से 90 दिन की वीजा मुक्‍त यात्रा का प्रावधान करता है और इस प्रकार के वीजा मुक्‍त प्रवेश को आसानी से मेडिकल वीजा साथ ही साथ छात्रों के आश्रितों और एक दूसरे के क्षेत्र में रोजगार पाने की कोशिश करने वालों के वीजा में आसानी से परिवर्तित करने का भी प्रावधान करता है।

संगीत नाटक अकादमी (एसएनए) वेब अभियान “सांझी-मुझ में कलाकार” के दूसरे चरण की शुरूआत

संगीत, नृत्य और नाटक की राष्ट्रीय अकादमी, संगीत नाटक अकादमी (एसएनए) वेब अभियान “सांझी-मुझ में कलाकार” के दूसरे चरण की शुरूआत करेगी। यह अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (आईसीएच) तथा सीधे जन भागीदारी द्वारा विविध सांस्कृतिक विरासतों को विकसित और प्रोत्साहित करने की दिशा में एक पहल है। इस अभियान के दूसरे चरण “सांझी-मुझ में कलाकार” क्षेत्र में लोक, परंपरागत, प्रथागत, सामाजिक, विधि-विधान वाले कला रुपों के बारे में विशेष रुप से ध्यान केन्द्रित किया गया है। इन कलारूपों को जनवरी के फसल उत्सव मौसम में सांस्कृतिक ताने-बाने के रुप में बुना गया है। इस फसल उत्सव को पूरे देश में मकर सक्रांति, लोहड़ी, भोगली बिहू, तोरग्य, उत्तरायण, अट्टूकल पोंगल जैसे विभिन्न नामों से जाना जाता है। इसके पीछे ऐसे रूपों को सामने लाने की एक अभिलाषा है जो यूनोस्को के तहत आईसीएच की सुरक्षा के सम्मेलन के अनुसार अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्रों से जुड़ी है। इस अभियान का पहला चरण दिवाली उत्सव के दौरान नवम्बर 2018 में शुरू किया गया था। इसमें भारी उत्साह के साथ जबर्दस्त जन भागीदारी रही। संगीत नाटक अकादमी भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की नोडल एजेंसी है। यह अमूर्त सांस्कृतिक विरासत और विभिन्न यूनेस्को सम्मेलनों से संबंधित मामलों को समन्वित करने के लिए भारत की सांस्कृतिक विविधता, विविध सांस्कृतिक परंपराओं और अभिव्यक्तियों का प्रचार और प्रसार करती है।

विहिप के पूर्व प्रमुख विष्‍णु डालमिया का निधन

विश्‍व हिंदू परिषद के पूर्व अंतर्राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष विष्‍णु हरि डालमिया का निधन हो गया है। वे 91 वर्ष के थे। डालमिया लंबे समय से बीमार थे।

जस्टिस खन्‍ना और जस्टिस माहेश्‍वरी की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति

कॉलेजियम की सिफारिशों पर विवाद के बीच दिल्‍ली हाईकोर्ट के जज संजीव खन्‍ना और कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस दिनेश माहेश्‍वरी को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्‍त कर दिये गये। कॉलेजियम की 11 जनवरी की सिफारिश पर राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हस्‍ताक्षर कर दिये हैं।

सत्‍यरूप सिद्धांत 7 पर्वत चोटियां और 7 ज्‍वालामुखी शिखर फतह करने वाले सबसे युवा पर्वतारोही बने

भारत के पर्वतारोही सत्‍यरूप सिद्धांत दुनिया के अलग – अलग महाद्वीपों की सात पर्वत चोटियों और 7 ज्‍वालामुखी शिखरों को फतह करने वाले दुनिया के सबसे युवा पर्वतारोही बन गए हैं। उन्‍होंने ये मिशन 35 साल 262 दिन की उम्र में पूरा किया। अब तक ये रिकॉर्ड ऑस्‍ट्रेलिया के पर्वतारोही डेनियल बुल के नाम था जिन्‍होंने 36 साल 162 दिन में मिशन पूरा किया था। अंटार्कटिका के सबसे ऊंचे पॉइंट माउंड सिडली को फतह करते ही सत्‍यरूप ने मिशन पूरा कर लिया। सत्‍यरूप ये मिशन पूरा करने में ना सिर्फ दुनिया के सबसे युवा पर्वतारोही हैं बल्कि भारत की ओर से तो ये मिशन पूरा करने वाले ही पहले पर्वतारोही हैं।

January 17, 2019

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