MP Current Affair 10th March 2019

भोपाल के गांधी नगर स्थित एएआई की अतिक्रमण की गई 106.76 एकड़ भूमि को मध्य प्रदेश सरकार को सौंपने के मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भोपाल के गांधी नगर स्थित  भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) की अतिक्रमण की गई 106.76 एकड़ भूमि को मध्य प्रदेश सरकार को सौंपने के लिये एएआई के प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दे दी है। यह भूमि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पहले से सौंपी गयी  96.56 एकड़ भूमि के बदले में है। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शेष लगभग 10.20 एकड़ भूमि एएआई को सौंपी जायेगी।

इंदौर में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की स्थापना को मंजूरी

सरकार ने इंदौर में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की नई बेंच की स्थापना को मंजूरी दी है। सरकार ने दो नई बेंचों की स्थापना को मंजूरी दी है, जिनमें से एक आंध्र प्रदेश के अमरावती और दूसरी मध्य प्रदेश के इंदौर में है। अमरावती स्थित खंडपीठ का अधिकार क्षेत्र आंध्र प्रदेश और इंदौर का मध्य प्रदेश राज्य होगा।वर्तमान में आंध्र प्रदेश हैदराबाद स्थित एनसीएलटी बेंच के अधिकार क्षेत्र में आता है और मध्य प्रदेश एनसीएलटी बेंच, अहमदाबाद के अधिकार क्षेत्र में आता है।अब यह उम्मीद की जाती है कि नई बेंचों के निर्माण से मामलों का तेजी से निपटारा संभव हो सकेगा।

एप्को में ‘सर्टिफिकेट कोर्स ऑन क्लाइमेट चेंज’ पर प्रशिक्षण

एप्को में ‘सर्टिफिकेट कोर्स ऑन क्लाइमेट चेंज’ पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण 28 मार्च को समाप्त होगा। प्रशिक्षण राज्य जलवायु परिवर्तन ज्ञान प्रबंधन केन्द्र के माध्यम से दिया जा रहा है। राज्य जलवायु परिवर्तन ज्ञान प्रबंधन केन्द्र की स्थापना पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को) के अंतर्गत की गई है।

ओबीसी के 27 फीसदी आरक्षण अध्यादेश को मंजूरी

मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण 14 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी से संबंधित राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंजूरी दे दी है। ओबीसी के लिए आरक्षण पहले 14 फीसदी था जो अब बढ़कर 27 फीसदी हो गया है। वहीं अनुसूचित जाति (SC) के लिए 16 फीसदी और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 20 फीसदी आरक्षण सीमा है।

अजजा वर्ग के हितग्राहियों की एक लाख रूपये तक ऋण राशि माफ

राज्य शासन ने  राज्य के अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों की कुल ऋण राशि में से एक लाख रूपये तक राशि को माफ कर दिया है। यह ऋण माफी 31 दिसम्बर, 2018 तक की स्थिति में की गई है। यह ऋण माफी अनुसूचित जनजाति वर्ग के उन पात्र हितग्राहियों की गई है जिन्होंने मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति वित्त विकास निगम, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम तथा राष्ट्रीय विकलांग वित्त एवं विकास निगम से विभिन्न योजनाओं में प्राप्त ऋण राशि पर की जायेगी।

March 10, 2019

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