भारत का संविधान

संविधान- किसी राष्ट्र द्वारा बनाये गए नीति व नियमों का वह बुनियादी संग्रह जो उस देश को  सुचारु एवं व्यवस्थित ढंग से संचालन में सहायता करते हैं , उसे उस देश संविधान कहा जाता है |

  • किसी भी देश का संविधान उस देश की राजनीतिक व्यवस्था, न्याय व्यवस्था, नागरिकों के मूलाधिकारों का एक मूलभूत ढांचा होता है, जिसके माध्यम से वह राष्ट्र विकास के पथ का अनुसरण कर सके |

भारत का संविधान:

भारत का संविधान देश का सर्वोच्च कानून है यह भारत सरकार  की समस्त आधारभूत संरचना है एवं सरकार की मुख्य क्रियाओं का निर्धारक है भारत की समस्त सिविल और दंड संहिताएँ भी इसी से प्रेरित होतीं है

संविधान की प्रस्तावना:

“हम भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी , धर्मनिरपेक्ष,लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को :

सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए तथा

उन सबमें व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करनेवाली बंधुता बढ़ाने के लिए

दृढ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 0 (मिति मार्ग शीर्ष शुक्ल सप्तमी, सम्वत् दो हजार छह विक्रमी) को एतदद्वारा

इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।“

भारतीय संविधान से सम्बंधित महत्त्वपूर्ण तथ्य

  • 3 दिसम्बर 1946  को जवाहर लाल नेहरू द्वारा संविधान सभा मे संविधान की प्रस्तावना  को प्रस्तुत किया ।
  • प्रस्तावना को आमुख भी कहते हैं।
  • जवाहर लाल नेहरू द्वारा प्रस्तावना को भारतीय संविधान की ‘आत्मा’ कहा गया ।
  • के.एम.मुंशी ने प्रस्तावना को राजनीतिक कुण्डली नाम दिया ।
  • भारतीय संविधान के प्रस्तावना के अनुसार भारत एक  सम्प्रुभतासम्पन्नसमाजवादीधर्मनिरपेक्ष एवं  लोकतांत्रिक  गणराज्य  है।
  • भारत का संविधान एक लिखित संविधान है ।
  • भारत के संविधान का निर्माण संविधान निर्मात्री सभा द्वारा किया गया ।
  • कैबिनेट मिशन की सिफारिशों के आधार पर संविधान निर्मात्री सभा का गठन जुलाई , 1946 ई० में किया गया ।
  • संविधान निर्मात्री सभा की सदस्य संख्या पहले 389 थी परन्तु भारत के बिभाजन के बाद इसकी सदस्य संख्या 299 रह गई थी ।
  • 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान अंगीकृत किया गया ।
  • 26 जनवरी 1930 को सम्पूर्ण भारत में पूर्ण स्वतंत्रता दिवस मनाने का निश्चय किया था इसे यादगार बनाने की  वजह से 26 जनवरी का दिन चुना गया ।
  • 26 नवम्बर 1949 को संविधान बनकर पूर्ण रूप से तैयार हो गया था इसलिए 26 नवम्बर को संविधान दिवस मनाया जाता है ।
  • भारत सरकार द्वारा संविधान दिवस की शुरुआत 26 नवम्बर 2015 को भीम राव अम्बेडकर की 125 वीं जयंती के उपलक्ष्य से हुई  ।
  • डॉ. राजेन्द्र प्रसाद संविधान की संचालन समिति के अध्यक्ष थे।
  • पं. जवाहर लाल नेहरु संविधान की संघ संविधान समिति केएवं संघ शक्ति समिति  अध्यक्ष थे।
  • भीम राव अम्बेडकर संविधान निर्मात्री सभा के प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे ।
  • जे. बी. कृपलानी संविधान की झंडा समिति के अध्यक्ष थे।
  • भारत के संविधान की मूल प्रति टाइप या मुद्रित नहीं है ।
  • भारत के संविधान की मूल प्रति को प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने अपनी सुन्दर लिपि में हाथ से लिखा है ।
  • भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है ।
  • मूल संविधान में 395 अनुच्छेद , 8 अनुसूचियां तथा 22 भाग हैं ।
  • वर्तमान में संविधान में 448 अनुच्छेद , 12 अनुसूचियां तथा 25 भाग हैं। (*ध्यान रहे यह डाटा परिवर्तन शील है )
  • मूल संविधान में लगभग इंग्लिश के 80000 शब्द थे ।
  • संविधान की संकल्पना का उद्भव सर्वप्रथम ब्रिटेन में हुआ ।
  • ब्रिटेन का संविधान एक अलिखित संविधान है ।